कैंसरोसोस-13
कैंसरोसोस-10 में
प्रयुक्त औषधीय पौधे व उनकी मात्रायें निम्नानुसार है ।
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क्र0 |
औषधिय पौधों के नाम |
उपयोग मात्रये |
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1 |
RHUS
TOXICODENDRON |
25 |
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2 |
VINCETOXICUM
OFFICINALE |
20 |
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3 |
AILANTHUS GLANDULOSA |
20 |
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4 |
CONIUM MACULATUM |
15 |
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5 |
PIMPINELLA SAXIFRAGE
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10 |
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6 |
ATROPA BELLADONNA
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10 |
यह एक
टश्यू रिमूडीस दवा है ,जो नाक कान गले एंव गले के समस्त प्रकार के रोगो
पर कार्य करती है । गले में किसी भी तरह की समस्या हो जैसे निगलने में दिक्कत
होना , गले में किसी भी तरह गाठ टयूमर ई एन टी के रोग , साईनस रोग बार बार छीके आना नजला , नजला का गिरते रहना पीलीया, टॉसिल टॉसिल की सूजन, ब्लड में आई खराबी एंव ब्लड कैंसर की तो यह बहुत ही अच्छी दवा है
। रक्त से विजातीय तत्वों को निकालती है तथा रक्त एंव लिम्फ दोना का शुद्ध
करती है । गले से उठने वाली खॉसी, दमा, श्वास रोग, गले का संक्रमण इसकी वजह से बुखार आना, ब्लड कैंसर टी एल सी को संतुलित करती है एंव ब्लड कम्पोजीशन को ठीक
करती है । गले के र्दद के साथ साथ कान में भी र्दद, या कान
से पस आने पर कान के संक्रमण रोग पर , सूखी खॉसी, दमा ब्रोकाईटिस, छाती के रोगों में पी ग्रुप की
दवाओं के साथ इसका प्रयोग कर अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा सकते है । हिद्रय
रोगों में ए-3 के साथ एंव सभी तरह के बैक्टेरियल बुखारो में इसका प्रयोग एस-10 के
साथ या फिर एफ ग्रुप की दवाओं के साथ प्रयोग कर उचित परिणाम प्राप्त किये जा सकते
है इसके अतरिक्त इसका प्रयोग मैनेजाईटिस, थाईराईड के कैंसर
में इस दवा का प्रयोग कर आशानुरूप परिणाम प्राप्त किये जा सकते है । गले में कफ
को निकालने के लिये सी-13 जी ई के गरारा करने से अच्छे परिणाम प्राप्त किये जा
सकते है । मुह के धॉवों में सी-13 का प्रयोग जी ई के साथ कर अच्छे परिणाम प्राप्त
किये जा सकते है ।
डायल्युशन
का प्रयोग :- प्रथम डायल्युश्न:- प्रथम
डायल्युश्न सूखी खॉसी, गले में खरास गले में र्दद
बलगम का गले में फंसा हुआ होने पर
दूसरा
डायल्युश्न:- मुंह के छॉलों में कान से पस बहने पर
तीसरा
डायल्युश्न :- ब्लड कैंसर, बैक्टेरिया
उच्च
उायल्युशन:- बल्ड कैंसर में एंव गले में धॉव
आदि में इसके उच्च से उच्चतम डायल्युशन का प्रयोग रोग स्थिति के अनुसार कर उचित
परिणाम प्राप्त किये जा सकते है ।
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