गुन गुन करती आई चिरईयॉ, कें बें कों शरमा रई । भीडतंत्र कों जमानों है, भईयाँ बहुमत को हे राज । लूट घसोंट (खरीद फरोक्त) कर सरकारें बन रई , जनता ठगी लूटी जा रई , अ, ब, स, को ज्ञान नईयॉ, सरकार, उनकों शिक्षा मंत्री बना रई । पाई पाई को जो हिसाब ने जानें , वो वित्त मंत्री कहला रओं । गुन गुन करती आई चिरईयॉ, कें बें को शर्मा रई । गोली, डण्डों की सरकारें , भ्रष्टाचार फैला रई । बोट बैंक के लानें जा तो , का का खेल रचा रई । कोऊ बाटें लैपटॉप, तो कोनऊ साईकल चलवा रओं , धनीराम पाई पाई (धन ) को ललचाबें, जें पैसों के ढेर लगा रये , घर में नईयॉ खाँबें को , जें मुफ्त में राशन बटवा रई । करबें खाँबें बारे ,सबरों को , जें हरामखोंर बना रई । गुन गुन करती आई चिरईयॉ , कें बें को शरमा रई, चोरी करें और डाकों डारे , बेंई संत महात्मा कहला रये । कोनऊॅ बन बैठों संत महात्मा , तो कोनऊॅ कथावाचक कहला रओं । कोनऊ कें बें कृपा बरसेगी, कोनऊ आर्शीवाद हें के रओं । कोनऊॅ जेल में पिडों रो रओं , कोनऊ देश छोड भग जा रओं । संतों की माया देख चिंरईयाँ , ...